This is second type of Shani Chalisa and Aarti, useful and worth chanting, you can either choose earlier version of Chalisa and Aarti or this one — though it doesn’t matter much it is just a matter of taste. Shri Shani Chalisa ॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल; दीनन के दुःख दूर करि , कीजै नाथ निहाल ॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु , सुनहु विनय महाराज; करहु कृपा हे रवि तनय , राखहु जन की लाज ॥ || चौपाई ॥ १) जयति जयति शनिदेव दयाला, करत सदा भक्तन प्रतिपाला ॥ २) चारि भुजा, तनु श्याम विराजै, माथे रतन मुकुट छवि छाजै ॥